आध्यात्मिक ज्ञान और सेवा को समर्पित जीवन: डॉ. गोपाल कृष्ण एच. उपाध्याय

दाहोद, गुजरात — प्रसिद्ध श्रीमद भागवत आचार्य डॉ. गोपाल कृष्ण एच. उपाध्याय ने अपना संपूर्ण जीवन आध्यात्मिक ज्ञान के प्रसार, सामाजिक सेवा और मानव कल्याण के लिए समर्पित किया है। उनका जन्म 4 मई 1976 को रतलाम (मध्य प्रदेश) में हुआ था। संस्कृत में एम.ए. की डिग्री प्राप्त करने वाले डॉ. उपाध्याय ने वर्षों से सनातन धर्म के सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार किया है। उनकी गहन विद्वता और शिक्षण कार्य ने उन्हें एक सम्मानित आचार्य के रूप में स्थापित किया है। वर्ष 2002 में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें “श्रीमद भागवत रत्न” सम्मान से नवाजा गया, जो भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा प्रदान किया गया था। इनकी प्रतिभा को देखते हुए इन्हें भारत गौरव सम्मान से भी सम्मानित किया गया। आध्यात्मिक कार्यों के साथ-साथ डॉ. उपाध्याय सामाजिक सेवा में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। वे गौ सेवा के प्रति अत्यंत समर्पित हैं और दाहोद में एक गौशाला का संचालन करते हैं, जिसमें 500 से अधिक गायों की देखभाल की जाती है, जिनमें बीमार और बेसहारा पशु भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, वे लगभग 500 आवारा कुत्तों तथा बंदर और पक्षियों जैसे अन्य पशुओं की भी सेवा करते हैं। उनका यह कार्य जीव-जंतुओं के प्रति उनकी करुणा और दायित्व भावना को दर्शाता है। डॉ. उपाध्याय अनाथालयों और वृद्धाश्रमों से जुड़े मानवीय कार्यों में भी सक्रिय रूप से भाग लेते हैं, जिससे समाज के कमजोर वर्गों को सहारा मिलता है। भगवान हनुमान और राधा-कृष्ण के प्रति गहरी आस्था रखने वाले डॉ. उपाध्याय अपने आध्यात्मिक मार्गदर्शन और निस्वार्थ सेवा से समाज को निरंतर प्रेरित कर रहे हैं। उनका उद्देश्य परोपकार और सनातन मूल्यों का प्रचार करना है।   आध्यात्मिक ज्ञान और सेवा को समर्पित जीवन: डॉ. गोपाल कृष्ण एच....

देश सेवा का सपना: दीपांशु मौर्य की प्रेरणादायक कहानी

वैशाली, बिहार – बिहार के वैशाली जिले का एक युवा, दीपांशु मौर्य, अपने दिल में एक बड़ा सपना संजोए हुए है—भारतीय सेना में Para SF Commando बनकर देश की सेवा करना। एक साधारण लेकिन संस्कारों से भरे परिवार में पले-बढ़े दीपांशु की कहानी प्रेरणा और देशभक्ति से भरी है। दीपांशु के पिता राजकुमार वर्मा एक मेहनती किसान हैं और माता जयमाला रानी एक शिक्षिका हैं। परिवार से मिले अनुशासन और शिक्षा के संस्कारों ने उन्हें देश के प्रति जिम्मेदारी का भाव सिखाया। उनकी प्रेरणा वीर सैनिकों जैसे Captain Vikram Batra और Lucky Bisht से मिलती है, जिनकी बहादुरी और बलिदान ने उनके जीवन को गहराई से प्रभावित किया है। साथ ही उनके दादा, देवकी नंदन प्रसाद सिन्हा, जो भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं, ने उन्हें सेना में जाने के लिए प्रेरित किया। पढ़ाई के साथ-साथ दीपांशु को किताबें लिखने और गायन का भी शौक है, जो उनके रचनात्मक व्यक्तित्व को दर्शाता है। परिवार और शिक्षकों के सहयोग से वे अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। दीपांशु कहते हैं कि उन्हें अपने देश से बेहद प्रेम है और वे अपना जीवन देश की सेवा में समर्पित करना चाहते हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि मजबूत इरादे और सही प्रेरणा से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है। देश सेवा का सपना: दीपांशु मौर्य की प्रेरणादायक...

मनरंग LLP चे संचालक श्रीरंग मोहोळकर आणि डॉ. राजेश श्रीवास्तव यांच्या वतीने “महाराष्ट्र श्री सन्मान” सोहळा आयोजित करण्यात आला.

कार्यक्रमाची सुरुवात गणेश वंदनेने झाली. श्रीमती मेधा खरे व त्यांच्या समूहाने गणेश वंदना सादर केली. त्यानंतर श्रेया ताम्हणकर व त्यांच्या समूहाने लावणी सादर केली. डॉ. मंजुषा कुलकर्णी यांनी संगीतबद्ध केलेली लावणी, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेत्या गायिका सावनी रवींद्र यांनी सुरेखपणे गायली. हिंदू कॉलनी मराठी संस्कृती मंच यांनी लाठी-काठीचे सादरीकरण केले. श्रीमती शुभांगी घाटणेकर (पूर्वज ब्रँड) यांनी वैदिक फॅशन शो सादर केला. या कार्यक्रमाला प्रमुख पाहुण्या पद्मश्री डॉ. सोमा घोष उपस्थित होत्या. विशेष पाहुणे म्हणून आधा शंकराचार्य त्रिकाल भवंत सरस्वती जी, डॉ. मंजूषा कुलकर्णी तसेच अधिवक्ता ईशा अग्रवाल उपस्थित होत्या. कार्यक्रमाचे सूत्रसंचालन आंतरराष्ट्रीय स्तरावर प्रसिद्ध सिमरन आहुजा यांनी केले. या सोहळ्यात पुढील मान्यवरांना “महाराष्ट्र श्री सन्मान” प्रदान करण्यात आला: श्री अविनाश शारदा प्रल्हाद धर्माधिकारी श्रीमती शुभांगी घाटणेकर डॉ. उज्ज्वला चाकरदेव श्रीमती निशिगंधा वाड श्रीमती सावनी रविंद्र पद्मश्री डॉ. अशोक गुप्ता श्री सुनील पाल श्री विलास परब श्री दीपक रणनवरे पंडित शौनक अभिषेकी श्री राहुल घोष डॉ. प्रकाश टाटा श्रीमती उषा दत्त श्री ताहेर चित्तलवाला श्री अजीत मन्याल डॉ. संदीप बिप्टे श्री कृष्णा हेगडे श्री प्रतीक मोहन शर्मा डॉ. अर्चना शर्मा अधिवक्ता चंद्रप्रकाश श्रद्धा श्री सिद्धार्थ देशपांडे श्रीमती पूजा सावंत श्री अमरप्रीत तान श्री केवल कुमार श्री संजीव कुमार (स्वदेश न्यूज) आचार्य श्री अरविंद श्रीमती मधु लाखोटिया श्री शुभंकर घोष श्री फैसल नविवाला यांना “महाराष्ट्र श्री सन्मान” प्रदान करून गौरविण्यात आले.   मनरंग LLP चे संचालक श्रीरंग मोहोळकर आणि डॉ. राजेश श्रीवास्तव यांच्या वतीने “महाराष्ट्र श्री सन्मान” सोहळा आयोजित करण्यात...

माही श्रीवास्तव और सृष्टी भारती का लोकगीत ‘गवना वीएस खेलवना’ दो मिलियन व्यूज पार किया वर्ल्डवाइड रिकार्ड्स पर

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की सेंसेशन एक्ट्रेस माही श्रीवास्तव और  सुरीली आवाज की मल्लिका सिंगर सृष्टी भारती का नया लोकगीत ‘गवना वीएस खेलवना’ काफी वायरल हो गया है। बता दें कि वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर रिलीज हुए इस गाने ने महज कुछ ही समय में 2 मिलियन से ज्यादा व्यूज बटोर कर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। गौरतलब है कि वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स म्यूजिक कंपनी से रिलीज़ होने वाले भोजपुरी लोकगीतों की खासियत हमेशा से उसकी मिट्टी से जुड़ी कहानियां रही हैं। ‘गवना वीएस खेलवना’ भी एक ऐसी ही कहानी को दर्शाता है, जिसमें एक नवविवाहिता की मासूमियत और उसकी शिकायतें शामिल हैं। इस गीत के वीडियो में माही श्रीवास्तव बेहद खूबसूरत देसी अवतार में नजर आ रही हैं। उनके चेहरे के हाव-भाव और उनकी अदायगी इतनी सटीक है कि दर्शक गाने के बोलों के साथ-साथ उनके अभिनय के भी कायल हो गए हैं। इस गीत के वीडियो में माही श्रीवास्तव एक नवविवाहिता की उस पीड़ा को दर्शा रही हैं, जिसका गवना अभी नहीं हुआ है। वह अपनी मुँहबोली भाभी से शिकायत करते हुए कहती हैं किआग लागे पंडित जी के पतरा में, शादी भइल कवना नक्षत्रा में, गवना गवना सुनत रहनी गवनऊ न भइले, ससुरा में पियवा मोर नादान बाड़े हो ना, ये भौजी हो, होत जवनिया मोर जियान बाड़े हो ना…. वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स प्रस्तुत लोकगीत ‘गवना वीएस खेलवना’ के निर्माता रत्नाकर कुमार हैं। इस गीत को सिंगर सृष्टी भारती ने गाया है। इसके वीडियो में एक्ट्रेस माही श्रीवास्तव ने शानदार अदायगी किया है। इस गाने को गीतकार अरुण बिहारी ने लिखा है, जबकि संगीतकार आर्या शर्मा ने मधुर संगीत दिया है। प्रोजेक्ट बाय नवरत्न पांडेय, वीडियो डायरेक्टर आशीष सत्यार्थी, डीओपी संतोष यादव एंड नवीन, कोरियोग्राफर अनुज मौर्या, एडिटर प्रवीण यादव हैं। डीआई रोहित सिंह, प्रोडक्शन पंकज सोनी ने किया है। इस गाने का ऑल राइट वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स के पास है। इस लोकगीत की...

माही श्रीवास्तव का वायरल गाना ‘नवरत्न तेल जे भी लगाई दिमाग तरोताज़ा हो जाई’ ने एक मिलियन व्यूज किया पार

वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स म्यूजिक कंपनी से रिलीज़ हुआ गर्मी में ठंडी का एहसास दिलाने वाला गाना ‘नवरत्न तेल जे भी लगाई दिमाग तरोताज़ा हो जाई’ यूट्यूब पर एक मिलियन व्यूज पार कर गया है। बता दें कि भोजपुरी फ़िल्म जगत में मनमोहक अदायगी और नृत्य बेस्ट एक्ट्रेस का खिताब हासिल कर चुकी करोड़ों दिलों की धड़कन माही श्रीवास्तव गर्मी में ठंडी का एहसास दिलाने आ गई हैं। उन्होंने नवरत्न तेल का बखान करते हुए अपने फैंस एवं लोगों के दिलों की धड़कन बढ़ा रही हैं, जिसमें उनका साथ दिया है सिंगर अली और स्निग्धा सरकार ने। साथ ही माही श्रीवास्तव के ताल में ताल मिला रहे हैं अभिनेता रघु सिंह राजपूत। दिमाग तरोताज़ा करने वाला यह गाना वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरीनके ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है। इस गीत को सिंगर अली और स्निग्धा सरकार ने मधुर आवाज गाकर सबका मन मोह लिया है। वहीं इस सांग के वीडियो में एक्ट्रेस माही श्रीवास्तव की कातिल अदाओं ने दिल जीत रही हैं और बेहतरीन डांस मूव्स से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रही हैं। उनके साथ एक्टर रघु सिंह राजपूत नजर आ रहे हैं, जिनकी केमिस्ट्री दर्शकों को काफी पसंद आ रही है। यह गाना रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और देखते ही देखते मिलियन क्लब में शामिल हो गया है। वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स प्रस्तुत तथा विंध्यवासिनी मीडिया बैनर के तले बनाया गया गाना ‘नवरत्न तेल जे भी लगाई दिमाग तरोताज़ा हो जाई’ के निर्माता डी.एस. तिवारी हैं। निर्देशक, लेखक, कॉन्सेप्ट किरण तिवारी हैं। कोरियोग्राफर संजय कोर्वे, सहायक कोरियोग्राफर कल्पना, क्रिएटिव डायरेक्टर शत्रुघ्न गोस्वामी, सहायक निर्देशक चिराग हैं। गीतकार संतोष उत्पति, संगीतकार रघुसिया 879, डीओपी सावन कुमार प्रजापति, एडिटर संजय आर. दास, कला निर्देशक सफी खान, स्थिर फोटोग्राफर अशोक मेहता हैं। पोशाक डिजाइनबरखा कुमारी और आयुषी कुमार, प्रोडक्शन महेश उपाध्याय ने किया है। प्रोडक्शन सहायक आकाश पांडेय और रमेश चौरसिया डीआई गजानन वधवे,पोस्ट प्रोडक्शन दास स्टूडियो, रिकॉर्डिंग...

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